बुधवार, 25 मई 2011

नारी जीवन एक प्रश्न

बरसो बाद आज मिली वो मुझको जो थी भुला दी मैंने  
बीमार, असहाय , मानसिक अवसाद से त्रस्त थी वो जो देखा  जाना आज मैंने 
हँसना, मुस्काना, खिलखिलाना गई थी वह सब कुछ भूल लगभग 
बुत सरीखी प्रतिमा लग रही थी वो मुझको, जान थी थोड़ी बची शरीर में लगभग
स्वर्थी, शराबी, पति को गई थी वो व्याह जानते बूझते गरीब माँ बाप ने  
बच्चो का जीवन संवारने में ही जिंदगी गुजार दी थी पूरी उसने अब मुझको  
किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में संकोच होता था उसको 
नारी जाति पर हो रहे अत्याचारों  का साक्षात् नमूना थी देखकर काँप गयी थी उसको  
जी रही थी बगैर साँस के , चल रही थी बगैर आस के बेखबर, बेध्यान 
घर, परिवार की इज्जत की खातिर कर दी है जीते जी जिंदगी उसने अपनी कुर्बान..... 

शुक्रवार, 20 मई 2011

अर्धविझिप्त माँ


देखी आज एक अर्धविझिप्त माँ 
बच्चो को दुलारती- पुचकारती माँ 
दिमागी रूप से अविकसित पगली थी वो माँ 
ममता, प्यार दुलार में किसी से भी कम ना थी वो 
बच्चो की तरफ जैसे ही झपटा एक आवारा कुत्तों का झुंड 
चंडी सा रूप धारण किया  और भिड गई कुत्तो से वो माँ 
हो चाहें स्वस्थ या पगली जैसी भी हो माँ  
 ईश्वर भर देता है कूट-कूटकर मातृत्व और साहस चाहें जैसी भी हो माँ 
 

इंतजार

परिजनों के आने की ख़ुशी भी ना दे पाती है उतना दिल को सुकून 
उनके वापिस जाने की वेदना जितना कर देती है बेचैन 
जब तक कही  दिल की बात और अपनों ने समझा हाले-दिल हमारा  
तब तक वापसी का दिन आ गया और छूटा साथ हमारा  
दिल में बहुत कुछ रह गया था बताने को पर अपने तो चले गए  
करती रहती हूँ इंतजार महीना दर महीना वापिसी का जो है परदेश गए 
समेटती, सहेजती रहती हूँ ढेरों बातें, किस्से  बताने को हर बार उनके  
इंतजार रहता है उस पल का जो गुजारने साथ आना है उनको 

दरकते रिश्ते











डर लगता है अपने अनमोल रिश्तों को  खोने का
क्यूंकि गवां  चुकी हूँ ठेरों रिश्ते मिले ना वापिस जिनको  
पहले खोया माँ को न पा सकी दुबारा उनको 
फिर टूटा घर परिवार  जिन पर था नाज़ मुझको 
माँ क्या गईं, सारे रिश्ते भी उनके साथ बिखर गए
सगे, सम्बन्धी और रिश्तेदार सबके रंग ही बदल गए
ना रहा कोई रिश्ता- नाता पक्का और मजबूत सब सरक गए 
सारे के सारे चेहरों के परदे खुद व खुद उतर गए
हमने तो बहुत चाहा निभाना पर हम थे बहुत  मजबूर
बदलते रंग, दरकते रिश्ते दिल हुआ चूर - चूर 

गुरुवार, 12 मई 2011

"मदर' स डे"

आज विश्व में मनाया जा रहा है ममता दिवस 
सिर्फ एक दिन ही क्या है ? उस माँ के वास्ते 
साल के ३६५ दिन भी है कम उस माँ कें लिए 
कितने, कष्ट और पीड़ा सहकर देती है वो जन्म 
नवजात का पालन, पोषण करती है सब दुःख उठाकर 
पर हम कर रहे हैं इतिश्री अपने अहसानों की यह दिवस मनाकर 
किया हैप्पी मदर्स डे माँ कह देने भर से हो गया फर्ज पूरा 
कम से कम उस माँ के बताए एक भी आदर्श- सीख को कर दिया पूरा 
वस माँ को तो वही है दिवस पूरा ...............

बुधवार, 11 मई 2011

शादी कैट विलियम

सारी दुनिया है मन रही जश्न  कैट विलियम की शादी पर 
ब्रिटिन के भावी सम्राट के वैवाहिक जीवन की शुरुआत पर 
हमारी है दुआएं उस नवविवाहित जोड़े के वैवाहिक जीवन पर 
साथ ही है मन में ठेरों आशंकाए कैट के भावी जीवन पर 
ईश्ववर भर दे उसका दामन सुख- समृद्धि  और प्यार से 
वो बच्ची  कभी न हो शिकार शाही षड्यंत्रों का एक भी बार 
जैसा हुआ  डायना के साथ न हो कभी यह त्रासदी फिर कभी एक बार 
फूले- फलें यह शाही जोड़ा और ब्रिटेन को मिलें एक नया सुंदर परिवार.. 

अन्ना हजारे

बड़ी ही मुश्किल से होता है चमन में दीदार पैदा 
सुना बहुत था बचपन से और आज पाया उसको 
अन्ना हजारे की माँ ने जो किया था सपूत पैदा 
सारा देश, विदेश कर रहा है सलाम उसकों 
कुछ तो सच्चाई, असलियत, देशभक्ति और ईमानदारी 
रही होगी उस सपूत में जो हमारे भ्रष्ट नेता न कर पाए पैदा 
जनता में बढ़ाते ही रहे सदैव हिंसा, अधर्म और बेरोजगारी 
पर एक अन्ना ने तो जैसे किया सम्पूर्ण विश्व में जादू पैदा 
हम सबको है गर्व भारत के इस लाल पर जिसने किया 
है सबके दिल और दिमाग में विश्वास पैदा 
की अगर हो हिम्मत और ईमानदारी दिल और दिमाग में 
तो रोज यूँ ही होते रहेंगे हम भारतीयों के चमन में दीदार पैदा 
अन्ना हजारे को सलाम ...

  माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिन...