| AANYA |
कर दिया है जिसने हर्षित मन सबके अपार
अबोध कलिका से पाया है नवनिर्मल रिश्तों का संसार
कलरव है, ध्वनि है ,स्वर है और है घर आँगन में नई पुकार
मम्मी - पापा ,दादी- नानी बूआ ,चाचा नूतन शब्दों की है गुंजार
भर दिया है जिसने सबके मन उमंग ,प्यार और दुलार
दुआएं हैं हमारी फूलो -फलो और पाओ सबका प्यार
कल तक थी जो अबोध बालिका अदिति आज है सद्य: प्रसूता
सफल हुआ है नारीत्व पाकर उसका मातृत्व अनूठा