होली का त्यौहार आ रहा है ,
साथ में रंगों की बौछार ला रहा है
साथ में रंगों की बौछार ला रहा है
लाल, पीले ,हरे, नीले रंगों का है अदभुत संसार
हर रंग को हम देखते और खेलते आये हैं होली पर हर बार
पर कुछ रंग तो पक्के दिए हैं ईश्वर ने हमको अपार
अदभुत रंगों से की है मानव रचना और बनाया यह संसार
इन रंगों को पहचानने की शक्ति भी दी है ईश्वर ने विविध प्रकार
कन्हैया का माखन चोरी,सखियों को छेड़ने पर बदलता रंग
यशोदा मैया पहचान लेती है अपने लाल का होता फीका रंग
पति -पत्नी फ़ौरन ही पहचान लेते है अविश्वास से उभरता काला रंग
चोरी पकड़ने पर चेहरे का रंग बदल हो जाता सफ़ेद
मतलब निकलने पर इंसा का हर लम्हे बदलता रंग
यह रंग सब कह देते है और बता देते है इंसा की जात का रंग
प्यार का रंग तो अदभुत छठा ही बिखेर देता है
बदल ही देता है सम्पूर्ण व्यक्तित्व और जीवन को बना देता सतरंग
ईश्वर के रंग में रंगे भक्त की काया का भी होता है अदभुत रंग
धोखा खाये दिल का रंग हमारी जिन्दगी को करता है बदरंग
तो यह हैं ईश्वर प्रदत्त भीतर छुपे कुछ अलग-थलग रंग
होली के रंग तो आते है पल भर के लिए यह तो है बस एक दस्तूर
हर पल इनकी होती अलग कहानी और अलग है इनके बहुतेरे रूप
पर जैसा भी है यह पर्व है बहुत खूब .. सुन्दर है इसका स्वरुप .
रोशी अग्रवाल
