माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन
गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिनत दिन
मां ने दिन रात,महीने,साल ना गिने अनवरत सिर्फ औलाद दिखती हर दिनप्रेम की परिभाषा कितनी विपरीत है ,कितनी निष्ठुर विडंबना दिखाता है जीवन
माँ जानती ही नहीं है कि प्रेम प्रदर्शन का भी कोई दिवस निर्धारित है जीवन में
सीखा है मां ने बस प्रेम ,त्याग ,समर्पण का सबक अपने सम्पूर्ण जीवन में
--रोशी