शनिवार, 6 मई 2023

 कल क्या होगा कुदरत के गर्भ में है सिमटा

बेहतर है भविष्य या होना है कुछ उल्टा पुल्टा
यकायक लेती है जिन्दगी मोड़ ,बदल जाता है सब कुछ
बेशक अच्छा हो या बुरा तजुर्बे सिखा जाता है सब कुछ
हमारे कर्म ,नियति तय करती है शायद हमारा कल
हमारी योजनायें ,हमारी सोच सब रह जाती धरी की धरी अगले पल
प्रसन्न मन से वर्तमान में जियो ,कल अनिश्चित है उसकी चिंता में मत घुलो
जिन्दगी की जितनी सांसे नवाज़ीं हैं खुदा ने उसकी नेमत का पूरा लुफ्त उठा लो
रोशी

  माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिन...