क्योँ हो जाती हैं बेटियां इतनी पराई व्याह के बाद
मां के साथ जो लडती -झगडती थी हरदम हो जाती समझदार
मां के पूछने पर बस कहती कुछ ना चाहिए बस तेरी याद आए मां बार -बार
एकाएक सयानी बन जाती है बिटिया बस खुशहाल माएका चाहिए उसको हर बार माता-पिता ,भाई का परिवार फलता -फूलता रहे यह दुआ मांगती बिटिया हर बार
मायके की देहरी पर ही आकर बेटी दुनिया की सर्व संपदा ही पा जाए हर बार
--रोशी
गुरुवार, 18 दिसंबर 2025
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