होली के रंग ,गुझियों की सुगंध ,भंग की तरंग
मस्ती का खुमार ,मोहब्बत बेशुमार ,होली का त्यौहार
गिले शिकवे भुला दुश्मन को गले लगाने का त्यौहार
अबीर -गुलाल के बेहतरीन रंग ,टेसू के फूलों के संग
राधा संग खेलें होली कुंवर कन्हाई ,एक दूजे के संग
--रोशी
बासंती मौसम फिज़ा में भर देता है अद्भुत रंग सुदीप्त
शीतल बयार तन-मन को कर देती आल्हादित
सुप्त पड़ गयी भावनाएं अचानक हो जाती हैं जागृत
शीत लहर का प्रकोप जीवन की रफ़्तार को कर देता है संकुचित
ढर्रे पर वापस लौटती जिन्दगी ग्रीष्म ऋतू का कहर झेलने को लौटती
परिवर्तन जीवन का शाश्वत नियम है ,ख़ुशी-ख़ुशी दुनिया इसको झेलती
--रोशी
घर से बाहर कंहीं भी जाओ पर दिमाग में हर वक़्त घर रहता है
बेहतरीन पकवान कितने भी खाओ पर पेट घर की रोटी से भरता है
दुनिया के नज़ारे आँखों को बेशक ठंडक देते हैं पर सुकून घर पर मिलता है
घर की ड्योडी में घुसते ही मन को अजीब ठहराव सा महसूस होता है
किराए की छत्त वो पुरसुकून नींद कहाँ दे सकती है जो चैन घर में मिलता है
आवोहवा बदल जाती है जरूर बाहर निकलकर पर ताजगी घर ही दे सकता है
--रोशी
हर मुश्किल में मुस्कराना जानती है नारी
मुश्किल वक़्त में सो मर्दों पर भारी है नारी
धेर्य ,सहनशीलता की मूरत है सदेव नारी
कान की कच्ची और चुगलबाज़ी में आगे है नारी
ममता की मूरत और वात्सल्य की पहचान है नारी
सौदर्य से ओतप्रोत है नारी सहस्त्रों गुणों की खान है नारी
विश्व पटल पर अनेकाएक अद्भुत विशेषताओं की पहचान है भारतीय नारी
--रोशी
विद्ध्ध्वंस तय है ,उलटी गिनती चालू है
बर्बादी ,खौफनाक नज़ारे दिल चीर देंगें,तय है
पूरा विश्व युद्ध की विभीषका में जल रहा है
इंसानियत शर्मसारऔर भविष्य में अंधकार दिख रहा है
अनाथ बच्चे ,विधवाएं रोती-कलपती माएं दिखेंगीं दोनों तरफ
ईरान ,अमेरिका युद्ध को बेक़रार ,अनजान हैं मानवता की तबाही पर
वीरान सडकें,आग से घिरे घर ,तड़पते -कलपते बच्चे दिखेंगे सर्वत्र
परमाणु युद्ध की विभिषका झेलेंगी आने वाली नस्लें विश्व युद्ध की हर ओर
--रोशी
परिवार के साथ देशाटन भर देता जीवन में रंग
कुछ लम्हे सुकूनके ताजगी ले आते दोस्तों के संग
मुट्ठी भर सुनहरी धूप की चमक दमका देती सम्पूर्ण काया
इठलाती समुद्र की लहरें तरोताजा कर देती जीवन की धारा
चाँद की रोशनी में रेत पर टहलना भर देता अद्भुत रोमांच
ज्वार-भाटा की तूफानी लहरें दिखाती अपने रौद्र रूप का दंश
प्रकृति के अद्भुत नज़ारे कुछ लम्हों को सम्मोहित कर देते हैं
जिन्दगी की आपाधापी के पल दोस्तों के साथ भुला बैठते हैं …
मकर संक्रांति के बाद मौसम का परिवर्तन निश्चित है
माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिन...