गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011
Roshi: प्रेम दिवस यानी वैलेंनटाइन-डे
Roshi: प्रेम दिवस यानी वैलेंनटाइन-डे: "बढ़ गया है युवा पीढ़ी में कुछ ज्यादा ही इसका क्रेज संत वैलेंनटाइन को भी ना पता होगा कि यह आयेगा फेज युवा, बच्चे सभी ..."
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रात का सन्नाटा था पसरा हुआ चाँद भी था अपने पुरे शबाब पर समुद्र की लहरें करती थी अठखेलियाँ पर मन पर न था उसका कुछ बस यादें अच्छी बुरी न ल...
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हम स्वतंत्रता दिवस पूरे जोशो खरोश से मना रहे हैं बेशक हम अंग्रेजों की गुलामी से तो आजाद हो गए हैं धर्म ,जाति की जंजीरों में हम बुरी तरह जक...
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हिंदी दिवस के अवसर पर ...हिंदी भाषा की व्यथI ----------------------------------------- सुनिए गौर से सब मेरी कहानी ,मेरी बदकिस्मती खुद मेरी...
2 टिप्पणियां:
सही कहा है आपने
sachchi baat..:)
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