सोमवार, 15 जुलाई 2024

 

 वक़्त सही हो तो चींटी को भी पर निकल आते हैं                                                                                                ग्रहों की दश प्रतिकूल हो तो सब बनते काम बिगड़ जाते हैं
पेड़ पर धागा बांधने मात्र से सिद्ध होने लगते सारे काम
चुटकी की दवा कर दे देती मिनटों में भयंकर मर्ज़ को बेदम
वक़्त की महिमा बड़ी होती न्यारी ,राजा को रंक और रंक को दिलाती राजगद्दी
बच ना सका कोई इसके चक्रव्यूह से ,मिनटों में है धरती पर ला पटकती
--रोशी      

कोई टिप्पणी नहीं:

  तिनका -तिनका जोड़ चिड़ा-चिड़िया घरोंदा हैं बनाते हफ़्तों गुजार देते बारी-बारी अण्डों को सेने में वक़्त वो गुजारते मीलों उड़ान भर दाना चुग -चुग ह...