शनिवार, 1 फ़रवरी 2025

 पर्यटन ,देशाटन देते हैं जिन्दगी को बेहतरीन रंग

परिवार,मित्रों के साथ गुजारा वक़्त दे जाता बहुरंग
रोज़मर्रा की जिन्दगी सबकी गुजरती उलझनों के संग
अनिद्रा ,अवसाद की गिरफ्त में फंसे हुए हैं हम सब
बीमारियों ने समेट लिया है सबको अपने आगोश में
कुछ लम्हे दे जाते हैं नव चेतना सिकुड़ती सिमटती जिन्दगी में
अपनी ख़ुशी के लिए कुछ वक़्त है बहुत जरुरी जिन्दगी में
--रोशी



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