रविवार, 15 मई 2022

 

कभी किस्मत की गाड़ी बिन डीजल दौड़ जाती है
सारा श्रेय यात्री और उसकी गाडी को जाता है
अगर साथ हो ड्राईवर तो तारीफ उसको मिलती है
दूजा कोई उसी गाडी को चलाये तो गाडी रुक जाती है
सोचा है क्यौ?यह किस्मत होती है ,जो हमको नचाती है
सारी अक्ल ,काबिलियत धरी की धरी रह जाती है
हमारे जनम से पहले सुना है हमारी किस्मत लिख जाती है
जैसी विधना गाड़ी दौड़ाए वैसी हमारी ज़िंदगी दौड़ जाती है

रोशी--

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