गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014


सदैव से ही हम बालकों को आशीर्वाद देते वक्त कहते आये हैं की बेटा खूब तर्रकी करें, खूब फूलें -फलें पर क्योँ ना अब हम उस आशीर्वाद में थोडा इजाफा भी कर दें कि बच्चों तरक्की जरूर करो किन्तु अपने पाँव जमीं पर सदेव रखो ,जमीं पर पाँव जमाकर ही आसमान कि ओर देखो ईश्वर आपका मार्ग प्रशस्त करेंगे ......

  जिन्दगी बहुत बेशकीमती है ,उसका भरपूर लुफ्त उठाओ कल का पता नहीं तो आज ही क्योँ ना भरपूर दिल से जी लो जिन्दगी एक जुआ बन कर रह गयी है हर दिन ...