शनिवार, 17 मार्च 2012



होली के पावन-पर्व पर कुछ वेह्शी दरिंदो ने हमारे जंवाज पुलिसअफसर नरेन्द्र सिंह की निर्मम हत्या कर दी  उनकी पत्नी माँ बननेवाली हैं इस घटना ने सबको झिंझोर दिया  उनको शिरिधांजलि स्वरुप कुछ मन से निकले भाव........
तन का रंग तो सबने खूब धोया पर निज हिरदय में न झांक पाया कोई 
काया तो कर ली सबने कोरी अपनी पर दिल और आत्मा न बदल पाया कोई 
आतंक ,दहशत ,जुलम ,झूट और फरेब के पक्के रंग जो दिल में थे हमने जुदाए 
काश ,,हम तनिक झांक पते अंतस में तो देता न हमको कुछ भी दिखाई 
छुड़ा पाते एक भी इन अमानुषिक रंगों की परत ,,न होती मानवता यूं बदरंग
मात -पिता के साथ मनाता अजन्मा उनका मासूम लाल 
होली के सबरंग ,,,सबरंग और होली के सबरंग   

होली

होली आयी,फिजाओं में सप्तरंग और बागों में  है कोयल चह्काई
वृद्ध  -बालक ,नर -नारी और युवा तन -मन के सभी पर है मस्ती छायी
रंग ,गुलाल इत्र  की खुशबू इन सबने है अद्भुत छठा बिखराई
गुझिया ,समोसे ,चाट -पकोड़ी और प्रेमियों  ने तो है भांग घुट्वाई
जीजा -साली ,देवर -भावी जैसे सभी रिश्तों ने दी है होली की दुहाई 
लाल -पीले ,,हरे- नीले सरीखे रंग और गुलाल में रंगकर हैसभी ने होली मनाई 
है हम सबने खूब होली है मनाई ,,,खूब होली मनाई ............
                                                                 रोशी अग्रवाल 

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