नव सृजन, नव जीवन , नव आनंद है अपूर्व
कारण है इसके अंतस में समेटे खुश है हम खूब
बालकों का कलरव हैं घर में आँगन खुशियों से पूर्ण
हृदय में है अनेको उमंगें, उत्साह और प्यार सम्पूर्ण
नाती का वो ठुमकना, चलना ,मचलना और इठलाना
कर रहा है वो सबको आनंदित घर -आँगन है गुंजरित.
व्यंजनों की चटपटाहट, बर्तनों की खडखडाहट
रसोई से उडती थी खुशबू और है बच्चो की सुगबुगाहट
मन भरता है कुलाचें अनगिनत और मस्तिस्क है बहुत ही व्यस्त
लगता है जिंदगी यूँ ही चलती रहे, शाश्वत और अनवरत
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिन...
-
रात का सन्नाटा था पसरा हुआ चाँद भी था अपने पुरे शबाब पर समुद्र की लहरें करती थी अठखेलियाँ पर मन पर न था उसका कुछ बस यादें अच्छी बुरी न ल...
-
देखी आज एक अर्धविझिप्त माँ बच्चो को दुलारती- पुचकारती माँ दिमागी रूप से अविकसित पगली थी वो माँ ममता, प्यार दुलार में किसी से भी कम ना थी ...
-
15th June आज है बेटे का जन्म दिन प्रफुल्लित है, आह्वावादित है तनमन जन्म दिन के साथ ही याद आता है मासूम क्रदन प्रथम स्पर्श,उस मासूम का क...
1 टिप्पणी:
वाह पहली बार पढ़ा आपको बहुत अच्छा लगा.
आप बहुत अच्छा लिखती हैं और गहरा भी.
बधाई.
एक टिप्पणी भेजें