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शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

दोस्ती

कुछ सुख हर इंसा की किस्मत को नहीं होते नसीब
पर इस सुख का हमने आनन्द  उठाया है भरपूर और खूब
आज जी हमारा चाहा कि हम इसको बाँटें सबसे और खुश हो जाये खूब
वो सुख जो हमको मिला वो है दोस्ती और चला आ रहा बाखूब
हमने तो चाहा इस रिश्ते को दिल से निभाना पर दोस्तों ने इसको निभाया है खूब
हर सुख दुःख, तकलीफ और दर्द हमसे बांटा और राह दिखाई खूब
हर मुश्किल , कमजोरी , परेशनी पर बढाया हाथ, दिया साथ खूब
कई बार दिल था टूटा, माँ का था जब साथ छूटा
यही थे फ़रिश्ते जिन्होंने था संभाला हमको खूब
हम पूछते है आपसे किया यह सुख आपको हुआ है नसीब
अगर नहीं तो कियूं ना आप भी कोशिश करे बनायें अपना नसीब
इस सुख पाने के हैं गुण अनेक :------>>>>

१. न कभी दोस्त की बुराइ करे न सुने.
२. न कभी इसकी उससे ना उसकी इससे कहें 
३. दोस्त को दें अपना दिल बापस ले ले उसके दर्द
४. यह रिश्ता ऊपरवाले  ने बनाया और हमने दोस्ती से निभाया
५. दोस्तों के साथ हर शै , हर वक्त का मजा ले खूब . .

9 टिप्‍पणियां:

JAGDISH BALI ने कहा…

An enchanting poem.May your time of happiness be eternal. lovely lyric.

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर भावनाएं..

Lata ने कहा…

सुंदर - सुंदर बातों से सबका मन मोह लेने की कला का मै स्वागत करती हूँ .

संजय भास्कर ने कहा…

आदरणीय रोशी जी.
नमस्कार !
............सुन्दर भावनाएं..

ruchita ने कहा…

very nice mausi.. :)

nita ने कहा…

Roshi . . .! kya kahun, doston ko palkon par bitha liya tumne. sach hai-life me dost hote hai prabhu kripa se, upvan ki shobha jaise phoolon se hoti hai, jeevan khilta hai doston se. khushi badhti hai baatne se aur Dukh kum hote hai baatne se aur ye aap dost ke saath hi kar sakte hai.
ab Roshi jo bhi kavita karo woh aise hi khili hui ho. hum sab ke jeevan me bahut kuch hai celebrate karne ka, phir kyon dard ki baat kare! us prabhu ko yaad kar nach gaao, har pal ka lutf uthaao! may God bless you!

aditi ने कहा…

u r too good...but u havent written any 4 me

baby ने कहा…

आप बहुत ही अच्छा लिखतीं हैं एक एक शब्द दिल को छूटें हैं .... neha

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" ने कहा…

sundar