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शनिवार, 24 सितंबर 2011

नव योवना

व्याह कर आई वो नव्योवना ,उतरी डोली से सजन के अंगना 
नए सपने ,नयी उम्मीदे ले कर उतरी वो पी के अंगना 
अपनी गुडिया ,सखी-सहेली ,ढेरो यादे छोड़ आयी बाबुल के अंगना 
माँ-बाप की दुआएं ,भाई -बहनों का प्यार आशीर्वाद और लाज का गहना 
बस ये ही दहेज़ था उसके दमन में और थी माँ की सीख 
सुख हो या दुःख,तुमको है उसी ससुराल में मिल कर रहना और सहना...........  

20 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मिलजुल कर हुहिहैं सब काज।

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

ईं.प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

बढ़िया रचना.

मेरे ब्लॉग में भी आये..

**मेरी कविता**

तथा "गद्य रस" को समर्पित इस सामूहिक ब्लॉग में आयें और फोलोवर बनके उत्साह बढ़ाएं.

**काव्य का संसार**

हास्य-व्यंग्य का रंग गोपाल तिवारी के संग ने कहा…

aapne nai naweli dulhan evm uske khwabon ka sahi chitran kiya hai.

प्रेम सरोवर ने कहा…

बहुत सुंदर । धन्यवाद ।

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

अति सुन्दर.

sushma 'आहुति' ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुती....

रेखा ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…






आशीर्वाद और लाज का गहना बस ये ही दहेज़ था उसके दामन में
...और थी माँ की सीख
सुख हो या दुःख , तुमको है उसी ससुराल में मिल कर रहना और सहना...


मिल कर रहने और सहने की सीख आजकल बेटी के मां-बाप देना छोड़ चुके हैं …
हा हाऽऽ… :)

नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाओं सहित
-राजेन्द्र स्वर्णकार

mark rai ने कहा…

बस ये ही दहेज़ था उसके दमन में और थी माँ की सीख
सुख हो या दुःख,तुमको है उसी ससुराल में मिल कर रहना और सहना...
बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति .....

mark rai ने कहा…

आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरा मनोबल बढाने के लिए ...

संजय भास्कर ने कहा…

,,,,,, अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...

Anil Avtaar ने कहा…

मेरी घरेलु भाषा भोजपुरी है.. इच्छा हुई की भोजपुरी में प्रतिक्रिया दूँ...

बहुत बढ़िया लिखले बनी.. आभार.. राउर प्रतिक्रिया के हमरो बा इंतिजार.. एक बेर जरूर आइब.. राउर स्वागत बा...

KANTI PRASAD ने कहा…

बहुत ही सुन्दर भाव भर दिए हैं पोस्ट में........शानदार| नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं.

NEELKAMAL VAISHNAW ने कहा…

बिलकुल सही सोच है आपकी इसी से ही सारा परिवार सुखी रहता है अच्छी प्रस्तुति
MADHUR VAANI
BINDAAS_BAATEN
MITRA-MADHUR

श्रीप्रकाश डिमरी /Sriprakash Dimri ने कहा…

बेहद भाव पूर्ण कोमल अभिव्यक्ति ..
सादर शुभ कामनाएं !!!

JHAROKHA ने कहा…

roshi ji
bahut hi badhiya aur antarman ko chhooti aapki post bahut hi sateek hai .sach hai beti dahej me yahi chijen to paati hai jo uska apna hota hai .
bahut bahut badhai
poonam

V.P. Singh Rajput ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति ||

बहुत-बहुत बधाई ||