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गुरुवार, 22 सितंबर 2011

आतंकवाद की समस्या

अभी आज ही अखबार में छपा था, 
किया कुछ नासमझों ने धर्मग्रन्थ का अपमान 
क्यूँ नहीं करते हैं दुसरे मजहब का सम्मान 
क्यूँ दूसरे मजहब का नहीं करना चाहिए सम्मान 
हों वो चाहे हिन्दू, सिख, इसाई या मुस्लमान, 
खून उबलता है, निकाल लेते हैं फ़ौरन गैर कानूनी सामान 
क्यूँ नहीं ज़रा भी समझते की सभी धर्म हैं एक समान 
ईशवर तो एक ही है क्यूँ है बिखर गयी इसकी संतान 
सभी धर्म, हर मजहब, और पंथ बनाता तो यही है इन्सान 
क्यूँ न हम सिखाएं बच्चों को की करें वो हर धर्म का सम्मान 
गर चाहें हम तो दिखा दें विश्व को सर्व धर्म का सम्मान करता है हिंदुस्तान 
फिर क्यूँ करता है यह दंगे, तोड़ फोड़ , बर्बादी और घमासान ? 


4 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बच्चों को सिखाना भी होगा और बचाना भी होगा।

रेखा ने कहा…

हमारी आनेवाली पीढ़ी इस सबसे अछूती रहे तो ही अच्छा है ...

निवेदिता ने कहा…

काश ऐसा हो पाए .......

Sunil Kumar ने कहा…

रोशी जी आपकी बात तो सही है | अंधे को तो रास्ता दिखा सकती है मगर अक्ल के अंधे को क्या करें | दुर्भाग्यपूर्ण ........