शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

आन्या की पहली होली

लाडो को मुबारक हो पहली होली
साथ में होगी मम्मी -पापा की ठिठोली 
चाचू और दादी भी रंग खेलें और मुस्कराएँ 
हर्षित मन सबके लें वो ढेरों वलाएं
नानी और बड़े नानू देते हैं ढेरों आशीर्वाद 
लाडली को मन ही मन करते है वो याद 
नानी, मासी ,मामा भेजे होली पर ढेरों प्यार 
फूलो ,फलो और पाओ सबका ढेरों दुलार ..

फागुन की मस्ती

फागुन की मस्ती है तन मन में है छाई
बगियन में कोयल ,कुंजन में बौर है अलसाईं  
नित नवपल्लव  संग ,पुष्पों से बगिया है महकाई 
प्रकृति ने धरा पर पीत पुष्पों की चादर है फहराई
होली खेलें अदिति संग नीरज देखत माँ है हुलसाई
राघव,  अनुभव की मस्ती देख है भावी मुस्काई  
होली की बधाई ,बधाई और ढेरों बधाई )--   

शनिवार, 18 दिसंबर 2010

बिटिया की यादें

प्यारी बिटिया .............
सावन की बदरी में
झूलो की डोरी में
तुम याद बहुत आओगी
             बारिश की फुहारों में
             तृप्त करती बौछारों में
             तुम याद बहुत आओगी
मेहंदी के बूटों में
रंग बिरंगे सूटो में
तुम याद बहुत आओगे
              रंग बिरंगी चुनर में
              लहंगे की घूमर में
              तुम याद बहुत आओगी
मेघो की घन-घन में
पायल की छन-छन में
तुम याद बहुत आओगी
              चमकती बिंदिया में
              छनकती पायलिया में
              तुम याद बहुत आओगी  ..................
                                                            माँ ........ 

शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010

माँ का दर्द - पीढ़ी दर पीढ़ी

माँ का लाडला, आँखों का तारा  उसका अपना कोख जाया
रात्रि को जब ज्वर की मर्मात्मक पीडा से है  छटपटाया
सरदर्द, बदनदर्द और थीं  तकलीफें अनेकों उसको 
 ज्वर की मर्मान्तक पीड़ा  से तो लाडला था परेशा, बेचैन और हैरान
 डाक्टर ने बताया की हुआ है  डेंगू जो करेगा परेशान      
घूम गया था मस्तिक, रुक गई थी धड़कन और दिल था  परेशान
क्यूँ  ना हो गया डेंगू माँ को ,डेंगू क्यूँ  किया लाडले को परेशान
 काश मिल जाता वो मच्छर तो पूछती वो छटपटती माँ
तुझको ही क्यूँ  मिला था मेरा वो लाडला , छोटा बच्चा हैरान परेशान है माँ 
मै भी तो थी साथ लाडले के क्यूँ  मुझको तूने छोड़ दिया शैतान      
असहनीय पीड़ा, दुःख, तकलीफ, क्यूँ  दी मेरे नौनिहाल को 
 अपने हिस्से का हर  दुःख प्राणी को झेलना ही पड़ता है  उम्र सारी                                                                 
माँ को याद आया वो लम्हा जब पड़ी थी उसपर विपदा भारी
 छटपटाई थी उसकी भी माँ और यही कष्ट हुआ था तब उसको
आज  समझ पाई थी बेटी उस तड़प, दर्द  एहसास को माँ के 
आज यह बताने को नहीं है उसकी माँ उसके पास
शायद यही दर्द, पीड़ा , अहसास चलता रहेगा हर माँ के साथ
 और वो वयां ना कर सकेंगी  अपना दुःख, लाडले के साथ ... .....

सोमवार, 13 दिसंबर 2010

जन्म दिन की शुभ कामना

AANYA 
पाया है परिवार ने प्रकृति का अनुपम उपहार
कर दिया है जिसने हर्षित मन सबके अपार
अबोध कलिका से पाया है नवनिर्मल रिश्तों का संसार
कलरव है, ध्वनि  है ,स्वर है और है घर आँगन में नई पुकार
 मम्मी - पापा ,दादी- नानी बूआ  ,चाचा नूतन शब्दों की है गुंजार
भर दिया है जिसने  सबके मन उमंग ,प्यार और दुलार
दुआएं हैं हमारी फूलो -फलो और  पाओ सबका प्यार
कल तक थी जो  अबोध बालिका अदिति आज है सद्य: प्रसूता
सफल हुआ है नारीत्व पाकर उसका  मातृत्व अनूठा

शनिवार, 11 दिसंबर 2010

व्याकुल मन

सुबह  उठकर ना स्नान ना पूजा, ध्यान और ना  व्यायाम
सुबह से मन  है व्याकुल और परेशां
कहाँ गम हो गया दिल और दिमाग  ना थी कोई पेरशानी  ना  था कोई व्यवधान
मन ही था निरंतर  विचलित तीव्र गतिमान
सुबह से कौन था किधर ना ही था ध्यान
शायद यह था मौसम और प्रकृति  का तापमान
किया था जिसने हमको निरंतर परेशान 
घर-भीतर बाहर अन्दर था मन चलायमान
बढती गर्मी उमस वातावारण  का था निरंतर व्यवधान 
निरंतर सूर्यदेव  उगल रहे थे आग और  शोले
ना ही था इसका किसी के भी पास कोई समाधान 
इश्वेर ही अब  दे सकता हैशीतल तापमान 
पशु पक्षी नर नारी सभी व्याकुल हैं  चलायमान
हे प्रभु कर दो दया, भर दो सागर नदी और आसमान
बरसा दो नेह अमृत धरा पर मेघ बरसें घम घमासान .............

जन्म दिन की शुभ कामना

प्रिये पापा,
जन्म दिन मुबारक हो, साकेत के लौह स्तम्भ को
जन्म दिन मुबारक हो मात्र हीन बेटीयों के पिता को ...
जन्म दिन मुबारक को पित्र हीन नातियों के नानू को
जन्म दिन मुबारक हो पित्रहीन बालक के नानूल को
जन्म दिन मुबारक हो सभी बालको के प्रेरणा स्रोत को
जन्म दिन मुबारक,  मुबारक, मुबारक  हो
इश्वेर आपको शतायु करे .................
आपकी बेटी ...................

  माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिन...