नवबर्ष
रविवार, 26 दिसंबर 2021
शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021
यह दिल भी क्या चीज़ है खुदा ने बनाई ,
गहरी चोट भी झेल जाता है कमबख्त आराम सेपर हल्की सी ठेस से भी घायल हो जाता है बिन आवाज़ सेकिसी लम्हे इतरा उठता है बेवजह ,बिन मक़सद केसुन्न हो जाता है ,कभी कर्कश वाणी के तीरों सेनज़रें भी भाँप लेता है बड़ी जल्दी यह उठती अपनी ओरपीठ पीछे भी शायद इसको दिख जाता है चहुं ओरबेबजह खुश हो उठता है अक्सर बे -मकसद यू हीबैठे -बैठे डूब जाता है गम की गहराइयों मेंस्थिर रहने की शायद फितरत ही नहीं है इसकी ,बहुत जुगत की हमने भी सम्हालने की इसकोपर नाकामयाब ही रहे रोके रखने में सदेव इसको
शनिवार, 25 सितंबर 2021
अयोध्या गमन
आई एम ए द्वारा आयोजीत बनारस और अयोध्या की यात्रा
अयोध्या को गमन और शिव शम्भू का सबको नमन
किसी पर चढ़ा है राम रंग और कहीं छाई है भंग की तरंग
जिंदगी से निकाले कुछ कीमती पल हम सबने परिवार संग आनंद उठाने को
अपने बच्चों को भी सनातन धर्म,राम लला और शिव शम्भू से रूबरू करवाने को
सुवासित पकवान, मधुर हास-परिहास और यात्रा में बहुत कुछ था मन लगाने को
प्रभु प्रेमी यात्रियो का था साथ ,कुछ थी अधूरी आस भोले बाबा को बताने को
एक पंथ दो कांज उक्ति को IMA ने बाखूबी है अज़माया
काशी में गोते लगवाने के साथ पत्नियों का रक्त संचार भी है बढ़वाया
साड़ी,शॉपिंग नाम की खतरनाक बीमारी का बनारस मे है सटीक इलाज करवाया
पैनडैमिक मे जो ईश्वर ने बक्शी है उधार की साँसे हमको spritutal trip ने यह लोक और परलोक
सुधारने का सुनहरा मौका दिया है हम सबको
जय श्री राम
जय श्री श्याम
जय शिव शम्भू
शुक्रवार, 20 अगस्त 2021
अफगानी औरतें
सोमवार, 7 सितंबर 2020
माँ की सीख
मेरी तो दुनिया है मेरे
बच्चो में ,घर में ,अपनों
में
वो सब है तो दुनिया ही हर
ख़ुशी है कदमो में
छोटा सा घर , जहाँ हो सारे जहाँ की खुशियाँ यही चाहा था मैंने
ना थे ऊँचे सपने ,ना ही ऊँची उडान पैर थे ज़मीं पर अपने
शायद यही घुट्टी दी थी माँ ने बचपन में हमको
चादर देख ही पावं फैलाना
अपने बिटिया, ना अनुसरण करना सबको
अपने बच्चो को भी सदा यही घुट्टी पिलाई थी हमने
चले थे अब तक जिस राह पर
वही राह दिखाई थी उन्हें हमने
जिन उसूलो का दामन थामा था
हमने वही थे आजतक हमारे अपने
रोशी
माँ के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने के लिए,दुनिया को दिखाने के लिए सिर्फ एक दिन गर्भ में बच्चे के पोषण- विकास से लेकर इन्सान बनाने में अनगिन...
-
रात का सन्नाटा था पसरा हुआ चाँद भी था अपने पुरे शबाब पर समुद्र की लहरें करती थी अठखेलियाँ पर मन पर न था उसका कुछ बस यादें अच्छी बुरी न ल...
-
देखी आज एक अर्धविझिप्त माँ बच्चो को दुलारती- पुचकारती माँ दिमागी रूप से अविकसित पगली थी वो माँ ममता, प्यार दुलार में किसी से भी कम ना थी ...
-
15th June आज है बेटे का जन्म दिन प्रफुल्लित है, आह्वावादित है तनमन जन्म दिन के साथ ही याद आता है मासूम क्रदन प्रथम स्पर्श,उस मासूम का क...

