रविवार, 23 जनवरी 2011

Roshi: नव शिशु आगमन 2

Roshi: नव शिशु आगमन 2: "मन बेचैन है, परेशांन है, आकुल है हैरान है नवागत के आगमन पर उमंगें है उल्लास है साथ ही मन मैं है भय उस दर्द का नव जीवन के आगमन पर होने ..."

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  जिन्दगी बहुत बेशकीमती है ,उसका भरपूर लुफ्त उठाओ कल का पता नहीं तो आज ही क्योँ ना भरपूर दिल से जी लो जिन्दगी एक जुआ बन कर रह गयी है हर दिन ...