रविवार, 23 जनवरी 2011

Roshi: नव-वर्ष 2011

Roshi: नव-वर्ष 2011: "नया साल आया, साथ में सपने हजारों लाया करें ना हम खुद से क्यूँ ना एक पक्का वायदा जो चाहतें, उम्मीदें ,वायदे और भूलें थे अपने सपने....."

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  जिन्दगी बहुत बेशकीमती है ,उसका भरपूर लुफ्त उठाओ कल का पता नहीं तो आज ही क्योँ ना भरपूर दिल से जी लो जिन्दगी एक जुआ बन कर रह गयी है हर दिन ...