महिला दिवस की शुभकामनाएं
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भीतर तनिक झांक कर देखो ,कुछ पल निज अहमियत को पहचानो
अपनी इस्मिता ,अस्तित्व की लड़ाई तो गर्भ से सीख कर जन्मी हो तुम
परिवार,समाज के तानों,उलहानों का सबक जन्मजात ही पाया तुमने
इज्ज़त ,मर्यादा की रक्षा करना सीखो ,अद्भुत दैवीय शक्ति पाई है तुमने
दहेज़ के दावानल में होम होने से पहले खुद के पाँव पर खड़ा होना सीखो
पग -पग पर दुशासन ,दुर्योधन खड़े हैं उनसे लड़ने के दांव पेंच खुद सीखो
--रोशी
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