पिछले बरस का आकलन करें क्या खोया,क्या पाया ?
खुद से बेहतर और कोई ना कर सका तुमने है क्या गंवाया
सीखने को भी बहुत कुछ मिला ,दुनियादारी ने बहुत कुछ सिखाया
जीवन के बीते बरस ने है सबको खट्टे -मीठे अनुभवों से रूबरू कराया
सबको मिले कुछ नए रिश्ते ,कुछ पुराने रिश्तों को भी है सभी ने गंवाया
जीवन चक्र अनवरत है निरंतर चलता ,इसने हमको है बहुत कुछ सिखाया
--रोशी
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