शनिवार, 9 मई 2026

 


तिनका -तिनका जोड़ चिड़ा-चिड़िया घरोंदा हैं बनाते
हफ़्तों गुजार देते बारी-बारी अण्डों को सेने में वक़्त वो गुजारते
मीलों उड़ान भर दाना चुग -चुग हैं लेकर आते ,निज अस्तित्व हैं मिटा देते
दुनिया उनकी सिमट जाती बस नौनिहाल को परिपकव करने पालने में
भान भी ना होता तनिक कि वक़्त आने पर छोड़ उड़ जाएगा आकाश में
वापिस ना आने के लिए उस नीड़ औरअपने जन्मदाता के आगोश में
इन्सान भी अपना सर्बस्व न्योछावर कर देता है अपनी औलाद को पालने में
इंसान जिन्दगी गुजार देता इस दर्द और टीस के साथ औलाद की यादों में
--रोशी

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