बासंती मौसम फिज़ा में भर देता है अद्भुत रंग सुदीप्त
शीतल बयार तन-मन को कर देती आल्हादित
सुप्त पड़ गयी भावनाएं अचानक हो जाती हैं जागृत
शीत लहर का प्रकोप जीवन की रफ़्तार को कर देता है संकुचित
ढर्रे पर वापस लौटती जिन्दगी ग्रीष्म ऋतू का कहर झेलने को लौटती
परिवर्तन जीवन का शाश्वत नियम है ,ख़ुशी-ख़ुशी दुनिया इसको झेलती
--रोशी
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