विद्ध्ध्वंस तय है ,उलटी गिनती चालू है
बर्बादी ,खौफनाक नज़ारे दिल चीर देंगें,तय है
पूरा विश्व युद्ध की विभीषका में जल रहा है
इंसानियत शर्मसारऔर भविष्य में अंधकार दिख रहा है
अनाथ बच्चे ,विधवाएं रोती-कलपती माएं दिखेंगीं दोनों तरफ
ईरान ,अमेरिका युद्ध को बेक़रार ,अनजान हैं मानवता की तबाही पर
वीरान सडकें,आग से घिरे घर ,तड़पते -कलपते बच्चे दिखेंगे सर्वत्र
परमाणु युद्ध की विभिषका झेलेंगी आने वाली नस्लें विश्व युद्ध की हर ओर
--रोशी
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