सोमवार, 15 जुलाई 2024

 

 एक लम्हा भी गर गुजारा दिन भर में नेकनीयती से                                                                                                  पूरा दिन खुशगवार गुजरता हैअंदरूनी ख़ुशी से
कोई दी हो गर नेक सलाह किसी व्यथित ,परेशान इंसा को
उसकी दुआएं काफी हैं जिन्दगी आपकी खुशहाल बनाने को
भूखे को दो निवाले ,प्यासे को दो बूँद पानी गर दिया हंसकर
रूह से निकली दुआ उसकी कर देगी जिन्दगी आपकी बेहतरीन डटकर
पूस की सर्द रात में दिया कभी गर्म बिछौना ,रहमते बरसेंगी खुदा की आप पर
नीयत रखोगे गर नेक तो मंजिलें खुद मिल जाएँगी ,सुकून भी मिलेगा आत्मा को
तिनके जितना जर्फ़ रखो खुद कुछ करने का ,रब खुद आ जाएगा हाथ बटाने को
--रोशी

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